~तू मेरा सारा जहांन~
तेरे साथ जिया हु,
तेरे लिए जिया हॅू;
तू मोहब्बत मेरी,
तू ही मेरी ज़िंदगी!
रूह की जान तुमसे ही है,
होठो की मुस्कान तुमसे ही है;
तू मेरा आसरा,
तू ही मेरी मंजिल है,
तुमसे ही ये जहांन,
तुमसे ही रोशन हैं ये समा !
तेरे साथ चला हॅू,
तेरे लिए चला हॅू;
तू अमानत मेरी,
तू ही मेर दिवानगी!
पल्को तर तू ख्वाबों सी रोशन,
चेहरे की चमक तुझसे ही है;
लबों पर तू दुवाओ की जैसे,
हाथों पर किस्मत की लकिरों सी हैं;
तुझसे ही उम्मीदें,
तुझसे ही विश्वास है !
तेरे साथ हसा हॅू,
तेरे लिए हसा हॅू,
तू बन्दगी मेरी,
तू ही मेरी आवारगी!
घटाओं मे बिजलि की तरह,
हवाओं मे खुशबु की तरह,
पत्तो मे तू बूंदों की तरह,
फुलो मे तू भवरों की तरह,
मौसम भी हैं रंगीन तुझसे,
तू ही इंद्धनुष मे रंगों की तरह,
तुमसे ही रंगीन ये समा,
तुमसे ही तो ये रंग हैं !
तेरे साथ बना हॅू,
तेरे लिये बना हॅू,
तू ही जान मेरी,
तू ही मेरी वारस्तगी!
मंदिर के दीपक मे तू रोशन,
मस्जित के नवाज मे है तू,
गिष्म की तपती धूप मे,
शरद सी शीतल,
पतझड़ मे भी भहार सी है तू,
तुझसे ही रोशन है चॅाद की चांदनी,
तुझसे ही रोशन है जुगनू भी,
तू आसरा है बहती अस्को के लिये,
तू ही जागी प्लको का ख्वाब भी,
तुझसे ही सजतें सपने,
तुझसे ही हकिकत भी हैं !
"पंकज अधिकारी"
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Awesome though...